Dussehra 2025 LIVE Updates: विजयादशमी या दशहरा पूरे भारत में बुराई पर अच्छाई की जीत के रूप में धूमधाम से मनाया जा रहा है। इस वर्ष दशहरा गुरुवार, 2 अक्टूबर 2025 को है। खास बात यह है कि दिल्ली-एनसीआर समेत देशभर में जगह-जगह पर रावण दहन, शस्त्र पूजन और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जा रहा है।
दशहरा 2025 का महत्व
दशहरा का पर्व भगवान श्रीराम की रावण पर विजय का प्रतीक है। यह न केवल बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देता है बल्कि धर्म, सकारात्मक ऊर्जा और परिवार में समृद्धि का भी प्रतीक है।
रावण दहन 2025 का शुभ मुहूर्त
- रावण दहन शुभ मुहूर्त: शाम 6:05 बजे से (सूर्यास्त के बाद)
- इस समय रावण, मेघनाद और कुम्भकरण के पुतलों का दहन करने से नकारात्मकता खत्म होती है और घर-परिवार में सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है।
शस्त्र पूजन का शुभ समय
- दोपहर 2:09 बजे से 2:56 बजे तक
इस दौरान अस्त्र-शस्त्रों की सफाई कर उन्हें लाल वस्त्र पर रखकर पूजन करना अत्यंत शुभ माना जाता है। - गंगाजल छिड़कना
- कलावा बांधना
- तिलक करना
- शुद्ध घी का दीप जलाना
- भगवान श्रीराम के नाम का जाप करना
दिल्ली-एनसीआर में रावण दहन स्थल (प्रमुख जगहें)
हर साल की तरह इस वर्ष भी दिल्ली-एनसीआर में कई बड़े मैदानों और स्टेडियमों में भव्य रावण दहन होगा।
- रामलीला मैदान, नई दिल्ली
- द्वारका सेक्टर-10
- करोल बाग मैदान
- इंदिरा गांधी स्टेडियम परिसर
- नोएडा सेक्टर-21 और ग्रेटर नोएडा
- गुरुग्राम का सेक्टर-29 मैदान
इन जगहों पर हजारों श्रद्धालु और दर्शक एकत्रित होकर भगवान राम की विजय का उत्सव मनाएंगे।
दशहरा पर क्या खरीदें? (Shopping Guide 2025)
दशहरे पर शुभ कार्यों और खरीदारी का विशेष महत्व है। इस दिन नई चीजें खरीदना सौभाग्य और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।
- सोना-चांदी और आभूषण
- नए कपड़े और घर की सजावट की चीजें
- इलेक्ट्रॉनिक्स और वाहन (शुभ मुहूर्त में गाड़ी खरीदना विशेष लाभकारी माना जाता है)
- हथियार या औजार (शस्त्र पूजन हेतु)
धार्मिक अनुष्ठान और परंपराएं
- रामायण पाठ और सुंदरकांड का आयोजन
- दीप प्रज्वलन और पूजा
- परिवार संग रावण दहन देखना
- सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम
निष्कर्ष
Dussehra 2025 केवल एक त्योहार नहीं बल्कि बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रेरक संदेश है। दिल्ली-एनसीआर में आयोजित होने वाले रावण दहन में शामिल होकर आप इस पर्व की भव्यता का अनुभव कर सकते हैं। साथ ही, शुभ मुहूर्त में शस्त्र पूजन और खरीदारी करने से घर-परिवार में सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।


